कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर पटना में राजकीय समारोह,श्रद्धांजलि देने दौड़े मंत्री, गिरते-गिरते बचे

आज कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पटना स्थित कर्पूरी संग्रहालय में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री रामकृपाल यादव सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी ने जननायक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार...

कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर पटना में राजकीय समारोह,श्रद्धांजलि देने दौड़े मंत्री, गिरते-गिरते बचे

आज कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पटना स्थित कर्पूरी संग्रहालय में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री रामकृपाल यादव सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी ने जननायक की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नजर पीछे बैठे मंत्री अशोक चौधरी पर पड़ी, जो कार्यक्रम में थोड़ी देर से पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने इशारे से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कहा। संकेत मिलते ही अशोक चौधरी अपनी सीट से उठे और तेजी से प्रतिमा की ओर बढ़े। जल्दबाजी में जूते उतारते समय उनका संतुलन बिगड़ गया, हालांकि वे गिरने से बाल-बाल बच गए। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वे वापस अपनी सीट पर लौट आए।

 बिहार की राजनीति और समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत 
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति और समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने अभावों में रहकर भी जनता के बीच अपनी सशक्त पहचान बनाई और कभी भी व्यक्तिगत कठिनाइयों को भ्रष्टाचार का माध्यम नहीं बनने दिया।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल उनके अनुयायी बनने की नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की है। सामाजिक न्याय, ईमानदारी और समानता के सिद्धांतों पर चलकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है।

 महापुरुषों के विचार और कार्यशैली आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भीमराव अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के विचार और कार्यशैली आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने लोगों से जातिवाद और भ्रष्टाचार से दूर रहकर सामाजिक मूल्यों की रक्षा करने और समरस समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।