नीतीश के बाद लालू को भारत रत्न? RJD कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर से मचा सियासी घमासान

बिहार की राजनीति में भारत रत्न को लेकर शुरू हुई बहस अब और तेज होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भी भारत रत्न  से नवाजने की मांग उठने लगी है। राजधानी पटना में राजद कार्यालय के बाहर लगाए गए एक बड़े पोस्टर ने इस सियासी चर्चा को नया मोड़ ...

नीतीश के बाद लालू को भारत रत्न? RJD कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर से मचा सियासी घमासान

बिहार की राजनीति में भारत रत्न को लेकर शुरू हुई बहस अब और तेज होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग के बाद अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भी भारत रत्न  से नवाजने की मांग उठने लगी है। राजधानी पटना में राजद कार्यालय के बाहर लगाए गए एक बड़े पोस्टर ने इस सियासी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है।राजद कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में एक ओर लालू प्रसाद यादव तो दूसरी ओर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई गई है। दोनों के बीच भारत रत्न का प्रतीक चिन्ह छापा गया है। यह पोस्टर आरजेडी के सचिव रणजीत रजक की ओर से लगाया गया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई
पोस्टर में लालू प्रसाद यादव को “गरीबों का मसीहा” और “हमारे भगवान” बताया गया है। साथ ही इसमें भारत सरकार से यह मांग की गई है कि सामाजिक न्याय की राजनीति को नई पहचान देने वाले नेता और बिहार की आवाज रहे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। पोस्टर के शब्दों और प्रतीकों ने इस मांग को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।हालांकि यह सियासी मांग ऐसे वक्त में सामने आई है, जब लालू प्रसाद यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट द्वारा चार्ज फ्रेम किए जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। हाल ही में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान इस मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई। अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर आरोप तय किए हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग 
गौरतलब है कि इससे पहले जदयू के पूर्व सांसद और राजनीतिक सलाहकार केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी। इस पत्र के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि जदयू ने बाद में इस मांग से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि यह केसी त्यागी की व्यक्तिगत राय है, न कि पार्टी का आधिकारिक रुख।अब लालू प्रसाद यादव के समर्थन में भारत रत्न की मांग उठने के बाद साफ हो गया है कि बिहार में सर्वोच्च नागरिक सम्मान को लेकर सियासत और बयानबाज़ी का दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयान और प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।