सीएम नीतीश के निशांत के समर्थन लगे बड़े-बड़े पोस्टर, RJD ने कसा तंज, कहा- 2005 से पहले कोई अपने बेटे के साथ होली खेलता था जी? ....
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब बस कुछ महीने बाकी रह गए हैं।5 साल बाद बिहार में एक बार फिर से चुनावी रणभेरी बजने वाली है। एक तरफ महागठबंधन कमर कस कर तैयार है तो दूसरी तरफ NDA ने फिर से सत्ता पाने के लिए किलेबंदी शुरू कर दी है। इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब बस कुछ महीने बाकी रह गए हैं।5 साल बाद बिहार में एक बार फिर से चुनावी रणभेरी बजने वाली है। एक तरफ महागठबंधन कमर कस कर तैयार है तो दूसरी तरफ NDA ने फिर से सत्ता पाने के लिए किलेबंदी शुरू कर दी है। इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पटना स्थित JDU कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें निशांत कुमार को राजनीति में शामिल होने की अपील की गई है वहीं चुनाव से पहले इन पोस्टरों के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
निशांत कुमार के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए
बता दें कि पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर निशांत कुमार के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा गया है—
“बिहार की जनता करे पुकार, निशांत का राजनीति में है स्वागत।”
इसके अलावा, एक अन्य पोस्टर में होली और रमजान की शुभकामनाओं के साथ लिखा गया है—“नीतीश कुमार का है अभिमान, राजनीति में आएं निशांत कुमार।”वहीं, एक तीसरे पोस्टर में अपील की गई है—“जेडीयू के लोग करे पुकार, पार्टी में शामिल होइए निशांत कुमार।”
सक्रिय राजनीति में उतरने की चर्चा जोरों पर
हालांकि, अब तक निशांत कुमार ने खुद राजनीति में आने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन, इन पोस्टरों के सामने आने से एक बार फिर उनके सक्रिय राजनीति में उतरने की चर्चा जोरों पर है। विपक्ष ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू में अब परिवारवाद हावी हो रहा है। वहीं, पार्टी के अंदर भी इस पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं एक अणे मार्ग पर पहुंचे नेताओं के साथ जिस तरह निशांत नजर आए। इसमें कोई दो राय नहीं कि निशांत कुमार अपने पिता की सियासी विरासत को संभाल लें।
CM हाउस में शनिवार को होली मिलन समारोह का आयोजन
वहीं बात करें इस बार की होली की तो 9 साल बाद CM हाउस में शनिवार को होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस होली समारोह में JDU के सभी बड़े नेता शामिल हुए। CM के बेटे निशांत कुमार पहली बार JDU नेताओं से मिले और पब्लिकली होली खेली। वहीं सीएम आवास पर हुए होली मिलन समारोह और निशान को लेकर सीएम नीतीश पर RJD ने तंज कसते हुए फेसबुक पर लिखा है -" 2005 से पहले कोई अपने बेटे के साथ होली खेलता था जी? उ तो हम आए तब ना ई सब हो रहा है। हो रहा है तो हो रहा है। उ सबका बेटा गड़बड़ कर रहा है। तब ना हमरा बेटा निशांत आ रहा है और हां निशि 49 साल की उम्र में भी अविवाहित है। बियाह करबे ही नहीं करता है। तुम कुछ जानते हो? 2005 से पहले इ सब कहां होता था? अब अच्छे से मेरी एक एक बतवा सुन लीजिए
पोस्टरों ने जेडीयू के अंदर और बाहर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया
अब अगर बिहार की राजनीति की बात करे तो यहां पहले भी वंशवाद का मुद्दा बड़ा विषय रहा है। पहले तो लालू यादव निशाने पर रहते थे लेकिन अब नीतीश कुमार के परिवार को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, सीएम नीतीश के बेटे निशांत कुमार की बात करें तो निशांत कुमार राजनीति से हमेशा दूर रहे हैं और उन्होंने अब तक किसी भी सियासी मंच पर खुद को पेश नहीं किया है लेकिन, JDU कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने जेडीयू के अंदर और बाहर नई चर्चाओं को जन्म जरूर दे दिया है ।