नवादा: निगरानी के जाल में फंसा थाना का SI, भ्रष्टाचार का खुला खेल
बिहार में जहां एक ओर अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी कड़ी में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के अकबरपुर थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (SI) प्रमोद कुमार पटेल को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते ......
बिहार में जहां एक ओर अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार भी चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी कड़ी में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के अकबरपुर थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (SI) प्रमोद कुमार पटेल को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है ।
थाना गेट के पास बिछाया गया जाल
यह गिरफ्तारी शुक्रवार को अकबरपुर थाना गेट के पास की गई, जहां निगरानी की विशेष टीम पहले से घात लगाए बैठी थी। जैसे ही आरोपी एसआई ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्णा ने बताया कि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के वरनामा गांव निवासी विकास कुमार ने पटना स्थित निगरानी ब्यूरो कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अकबरपुर थाना कांड संख्या 484/25 में उनके बहनोई और भांजे को गिरफ्तार न करने तथा केस डायरी में मदद करने के बदले एसआई प्रमोद कुमार रिश्वत की मांग कर रहे थे।
आरोप सही पाए जाने पर दर्ज हुआ केस
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का गहन सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने के ठोस साक्ष्य मिले, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 02/26 दर्ज किया गया।इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक गौतम कृष्ण के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत जैसे ही परिवादी ने आरोपी एसआई को 25 हजार रुपये की रिश्वत सौंपी, निगरानी टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।
पूछताछ जारी, विशेष न्यायालय में होगा पेश
गिरफ्तार आरोपी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, चालू वर्ष में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह दूसरी प्राथमिकी है, जबकि ट्रैप के जरिए यह पहला मामला है।













