वैशाली में राजस्व कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई
बिहार में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की सख्ती के बावजूद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें अभी भी कट नहीं पाईं हैं।भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाते हुए वैशाली जिले में पदस्थ एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप था कि दाखिल–खारिज और परिमार्जन के नाम पर जमीन से जुड़े मामलों में ......
बिहार में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की सख्ती के बावजूद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें अभी भी कट नहीं पाईं हैं।भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाते हुए वैशाली जिले में पदस्थ एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप था कि दाखिल–खारिज और परिमार्जन के नाम पर जमीन से जुड़े मामलों में अवैध लाभ की मांग की जा रही थी।गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी की पहचान राजेश रोशन के रूप में हुई है। वह वैशाली प्रखंड के अमृतपुर, महमदपुर और भागवतपुर पंचायतों में पदस्थ थे।
रंगे हाथ गिरफ्तारी
शिकायतकर्ता विनय कुमार सिंह ने निगरानी विभाग को बताया कि जमीन संबंधी कार्यों को पूरा कराने के लिए उनसे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।शिकायत मिलते ही निगरानी विभाग ने तुरंत सत्यापन किया और आरोपों की पुष्टि होने पर एक विशेष टीम का गठन कर मंगलवार को वैशाली पहुंची।निगरानी विभाग की टीम ने वैशाली थाना क्षेत्र के रघवापुर मंदिर के पास सड़क पर ही राजेश रोशन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इसी दौरान उन्होंने विनय कुमार सिंह से पैसे लेते हुए पकड़ा। आसपास की बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल पर जुट गए, लेकिन निगरानी टीम ने आरोपी को तत्काल अपनी गाड़ी में बैठाकर आगे की कार्रवाई के लिए ले गई।
आगे की कार्रवाई
निगरानी विभाग की टीम ने राजेश रोशन को वैशाली सर्किट हाउस लेकर जाकर पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद आरोपी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया। निगरानी विभाग के डीएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि विनय कुमार सिंह ने दाखिल–खारिज और परिमार्जन के लिए पांच हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। सत्यापन के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और जमीन संबंधी मामलों में आम जनता को राहत देना है।













