माघ मेले के दौरान प्रयागराज में एयरफोर्स अलर्ट, विमान क्रैश से हड़कंप
त्तर प्रदेश के प्रयागराज में 21 जनवरी 2026 को सेना का एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा शहर के बीचोंबीच केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ, जो माघ मेले से करीब 3 किलोमीटर दूर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान अचानक हवा में डगमगाया और नियंत्रण खो............
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 21 जनवरी 2026 को सेना का एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा शहर के बीचोंबीच केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ, जो माघ मेले से करीब 3 किलोमीटर दूर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान अचानक हवा में डगमगाया और नियंत्रण खोकर तालाब में गिर गया।
एहतियातन अस्पताल भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विमान में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें एहतियातन अस्पताल भेजा गया है। सेना का एक हेलिकॉप्टर भी घटनास्थल पर पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान के क्रैश होने से पहले तीन लोग पैराशूट के जरिए बाहर कूदे। वे तालाब में गिरे और दलदली इलाके में फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं इन सब के बीच एक पायलट की तस्वीर सामने आई है। जिन लोगों ने पायलट को दलदल से बाहर निकाला, उनके साथ पायलट ने तस्वीर खिंचवाई है।
कॉलेज के पास बच्चे खेल रहे थे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय कॉलेज के पास बच्चे खेल रहे थे। तभी आसमान से तेज रॉकेट जैसी आवाज सुनाई दी। जब लोग तालाब के पास पहुंचे, तो विमान पानी में गिर चुका था। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विमान ने हवा में संतुलन खो दिया था, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।
हादसे की जगह दलदली तालाब है, जहां चारों ओर जलकुंभी फैली हुई है। इसी वजह से रेस्क्यू टीम को विमान तक पहुंचने में शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बता दें कि माघ मेले के चलते इन दिनों प्रयागराज में भारी भीड़ है। ऐसे में वायुसेना और स्थानीय पुलिस ने हादसे के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह एयरफोर्स का माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट था और उड़ानों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है।हालांकि, दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।













