पप्पू यादव को MP/MLA कोर्ट से जमानत, बुद्धा कॉलोनी केस बना रिहाई में बाधा
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन को बड़ी राहत मिली है। पटना की MP/MLA कोर्ट ने 1995 के गर्दनीबाग थाना से जुड़े एक पुराने आपराधिक मामले में उन्हें ज़मानत दे दी है। गिरफ्तारी के बाद बीते तीन दिनों से वे न्यायिक हिरासत में थे, जिसके चलते सियासी और कानूनी हलकों में लगातार चर्चाएं चल रही थीं। अदालत के इस .....
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन को बड़ी राहत मिली है। पटना की MP/MLA कोर्ट ने 1995 के गर्दनीबाग थाना से जुड़े एक पुराने आपराधिक मामले में उन्हें ज़मानत दे दी है। गिरफ्तारी के बाद बीते तीन दिनों से वे न्यायिक हिरासत में थे, जिसके चलते सियासी और कानूनी हलकों में लगातार चर्चाएं चल रही थीं। अदालत के इस फैसले से फिलहाल उन अटकलों पर विराम लग गया है।
तीन दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा था
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उन्हें तीन दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा था। शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की शिकायत के चलते उन्हें इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) भेजा गया था। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। सोमवार को MP/MLA कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने गर्दनीबाग मामले में उन्हें ज़मानत दे दी।
गर्दनीबाग थाना में दर्ज कांड संख्या 552/95 से जुड़ा
यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाना में दर्ज कांड संख्या 552/95 से जुड़ा है। आरोप है कि शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उस पर अवैध कब्जा कर लिया गया। इस केस में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। लंबे समय तक कोर्ट में उपस्थित नहीं रहने के कारण पहले जारी किया गया ज़मानत बॉन्ड रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई।
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने जानकारी दी
सिविल कोर्ट परिसर के बाहर पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने जानकारी दी कि अदालत ने सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद उनके मुवक्किल को ज़मानत दी है। उन्होंने बताया कि मामला मुख्य रूप से बेल बॉन्ड टूटने से जुड़ा था। कोर्ट ने सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद बेल मंजूर की है। वकील के मुताबिक न्यायिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पप्पू यादव को बाहर आना था, लेकिन एक अन्य केस के कारण फिलहाल रिहाई नहीं हो सकी।
पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप
वहीं सुनवाई के दौरान पप्पू यादव ने जज के सामने पटना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। अपनी बात रखते समय वे भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे।पप्पू यादव ने दावा किया कि बेऊर जेल के अंदर उन्हें किसी तरह का इंजेक्शन देकर जान से मारने की साजिश रची जा रही है। सांसद ने जज से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें पटना पुलिस पर भरोसा नहीं है।जमानत पर सुनवाई के लिए पप्पू यादव करीब 12:30 बजे बेऊर जेल से कोर्ट पहुंचे थे। दोपहर 2 बजे जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान वे कोर्ट में व्हीलचेयर पर बैठे नजर आए।
पप्पू यादव समेत 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया
बता दें कि , गर्दनीबाग मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव की कानूनी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उनके खिलाफ पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना में पुलिस के काम में बाधा डालने से जुड़ा एक और मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को रोकने और सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने के आरोप में इस केस में पप्पू यादव समेत 20 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।बुद्धा कॉलोनी थाना में दर्ज इस मामले की सुनवाई बुधवार को होनी है। इस सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पप्पू यादव को इस केस में भी ज़मानत मिलती है या उन्हें अभी कुछ और समय जेल में रहना पड़ेगा।













