पटना में TRE-4 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नाराबाजी

"पटना में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। BPSC के 2026 कैलेंडर में TRE-4 परीक्षा का जिक्र नहीं होने से नाराज अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ नाराबाजी कर रहे..

पटना में TRE-4 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नाराबाजी

‎शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 की परीक्षा नहीं होने के फैसले को लेकर पटना में TRE-4 अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की शुरुआत पटना कॉलेज से हुई और अभ्यर्थी जेपी गोलंबर तक मार्च करने का प्रयास कर रहे थे।पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कई जगह बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच खींचातानी भी देखने को मिली। वहीं प्रदर्शनकारी हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था: “शिक्षा मंत्री-झूठा मंत्री, I LOVE TRE-4”

‎TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का जिक्र नहीं

‎बता दें कि अभ्यर्थियों का कहना है कि BPSC ने 2026 तक होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है, लेकिन इसमें TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का जिक्र नहीं किया गया। उनका मानना है कि सरकार TRE-4 परीक्षा को स्थगित करने की योजना बना रही है।

‎कैलेंडर से TRE-4 के गायब रहने से हजारों अभ्यर्थियों में निराशा और गुस्सा दोनों फैल गया है। प्रदर्शनकारी सरकार से अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की गुहार लगा रहे हैं। दरअसल कैलेंडर से TRE-4 के गायब रहने से हजारों अभ्यर्थियों में गुस्सा और निराशा दोनों बढ़ गई हैं।

‎TRE-4 पूरी तरह नदारद

‎दरअसल, सोमवार को जारी BPSC के परीक्षा कैलेंडर में 70वीं, 71वीं और 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा, न्यायिक सेवा, APO, तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से ज्यादा भर्तियों की संभावित तारीखें दी गई हैं। यहां तक कि विशेष शिक्षक और सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी जैसी भर्तियों का भी जिक्र है, लेकिन TRE-4 पूरी तरह नदारद है। यही बात शिक्षक अभ्यर्थियों के सवालों को और मजबूत कर रही है।

‎शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा

‎अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने पहले एक लाख से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था। बाद में यह संख्या घटाकर करीब 26 हजार कर दी गई। अब हालात ऐसे हैं कि सरकार उतनी वैकेंसी भी देने को तैयार नहीं दिख रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।

‎आरक्षण नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

‎वहीं दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री ने एक साक्षातकार के दौरान कहा था कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां दो साल में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें रोस्टर क्लीयरेंस जरूरी होता है। मंत्री के अनुसार, चुनाव की वजह से भर्ती में देरी हुई, लेकिन आधे जिलों से रोस्टर क्लीयरेंस मिल चुका है। बाकी जिलों से क्लीयरेंस मिलने के बाद आरक्षण नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

‎25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना

‎शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि जनवरी के बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू होगी और इस बार करीब 25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना है।