NEET छात्रा हत्याकांड में CBI एंट्री! नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, सम्राट चौधरी ने की पुष्टि

पटना के एक हॉस्टल में जहानाबाद की नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया और अहम मोड़ ले लिया है। बिहार सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल केस की CBI जांच की सिफारिश कर दी है। डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से औपचारिक रूप से CBI जांच का अनुरोध किया है।सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी....

NEET छात्रा हत्याकांड में CBI एंट्री! नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, सम्राट चौधरी ने की पुष्टि

पटना के एक हॉस्टल में जहानाबाद की नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया और अहम मोड़ ले लिया है। बिहार सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल केस की CBI जांच की सिफारिश कर दी है। डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से औपचारिक रूप से CBI जांच का अनुरोध किया है।सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए यह फैसला लिया गया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने लिखा है- "बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री Nitish Kumar जी ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को CBI से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।"

पटना पुलिस पर उठे थे गंभीर सवाल
बता दें कि नीट छात्रा की मौत के बाद से ही पटना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही, लीपापोती और सबूत दबाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है, जबकि हालात कुछ और कहानी बयां कर रहे हैं।वहीं शुक्रवार को पीड़िता के माता-पिता की बिहार के डीजीपी से मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के बाद छात्रा की मां का गुस्सा साफ नजर आया। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय का भरोसा देने के बजाय उन्हें समझौते की सलाह दी गई। यही वजह रही कि परिवार का भरोसा पूरी तरह से पुलिस तंत्र से उठ गया।

विपक्ष का हमला: “कानून व्यवस्था का अंतिम संस्कार”
बता दें कि इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा।नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था कि “बिहार में कानून व्यवस्था का अंतिम संस्कार हो चुका है।”वहीं वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी इस केस की CBI जांच की मांग की थी।घटना के बाद पूरे बिहार में आक्रोश देखने को मिला। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की। आरोप था कि स्थानीय पुलिस रसूखदार लोगों को बचाने में लगी हुई है।अब बिहार सरकार द्वारा CBI जांच की सिफारिश के बाद यह उम्मीद जगी है कि इस संगीन अपराध की परतें खुलेंगी और पीड़िता को इंसाफ मिलेगा।