पटना के हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल, पप्पू यादव का हमला–अवैध हॉस्टलों पर बुलडोजर कब?
बिहार में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य के स्टूडेंट हॉस्टल इन दिनों लगातार विवादों में हैं। हाल ही में पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा के साथ हुई घटना और उसकी मौत से प्रदेशभर में आक्रोश है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राजधानी के एग्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट हॉस्टल-पीजी...........
बिहार में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य के स्टूडेंट हॉस्टल इन दिनों लगातार विवादों में हैं। हाल ही में पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा के साथ हुई घटना और उसकी मौत से प्रदेशभर में आक्रोश है। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि राजधानी के एग्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट हॉस्टल-पीजी से एक और चौंकाने वाला आरोप सामने आ गया है।
उनकी बेटी के साथ हॉस्टल में गलत व्यवहार
औरंगाबाद की रहने वाली एक छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के साथ हॉस्टल में गलत व्यवहार किया गया। मामला सामने आते ही पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एग्जीबिशन रोड स्थित परफेक्ट हॉस्टल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, उनके पहुंचने के समय हॉस्टल में कोई भी मौजूद नहीं था।इस दौरान सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि राजधानी में चल रहे कथित अवैध हॉस्टलों पर बुलडोजर कब चलेगा? उन्होंने कहा कि ऐसे हॉस्टल छात्राओं की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
सरकार और प्रशासन पर लीपापोती का आरोप
मीडिया से बातचीत में सांसद ने नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत को लेकर सरकार और प्रशासन पर लीपापोती का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन को पीएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट पर भी भरोसा नहीं है? साथ ही उन्होंने पटना में संचालित अवैध हॉस्टलों और उनमें हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता जताई।सांसद पप्पू यादव ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।













