एक्शन मोड में परिवहन विभाग, सड़क सुरक्षा पर फोकस:, DL वितरण तेज, निजी स्कूल बसों की होगी सख्त जांच

आम जनता की परेशानी को प्राथमिकता बनाते हुए परिवहन विभाग ने बड़ी राहत भरी पहल की है। ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन निबंधन से जुड़ी लंबित फाइलें अब तेजी से निपटाई जा रही हैं। नतीजतन, राज्य में हर दिन औसतन करीब 1,800 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,700 से अधिक वाहनों का निबंधन किया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है।यह जानकारी परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय में आयोजित....

एक्शन मोड में परिवहन विभाग, सड़क सुरक्षा पर फोकस:, DL वितरण तेज, निजी स्कूल बसों की होगी सख्त जांच

आम जनता की परेशानी को प्राथमिकता बनाते हुए परिवहन विभाग ने बड़ी राहत भरी पहल की है। ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन निबंधन से जुड़ी लंबित फाइलें अब तेजी से निपटाई जा रही हैं। नतीजतन, राज्य में हर दिन औसतन करीब 1,800 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,700 से अधिक वाहनों का निबंधन किया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है।यह जानकारी परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साझा की। इस मौके पर उन्होंने पटना और नवादा के सफल आवेदकों को प्रतीकात्मक रूप से ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्रदान किए।

जागरूकता पुस्तिका का विमोचन 
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित एक जागरूकता पुस्तिका का विमोचन भी किया। राज्य के सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े और अपने-अपने जिलों में ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले आवेदकों को डीएल और आरसी वितरित किए। शेष आवेदकों के प्रमाणपत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से सीधे उनके घर भेजे जाएंगे।

 पूरे राज्य में सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा
मंत्री ने कहा कि डीएल और आरसी की लंबित पेंडेंसी विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी, जिसका सीधा असर युवाओं और रोजगार से जुड़े वर्ग पर पड़ रहा था। मिशन मोड में काम, लगातार निगरानी और विशेष अभियानों के चलते अब हालात तेजी से सुधरे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे किसी भी स्तर पर पेंडेंसी नहीं रहने दी जाएगी और सभी सेवाएं तय समयसीमा में पूरी की जाएंगी।सड़क सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार की है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी से 31 मार्च तक पूरे राज्य में सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा। इस दौरान स्कूल और कॉलेज के छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

डीएल से जुड़ी पेंडेंसी में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज
इसके अलावा 1 से 15 जनवरी तक निजी स्कूलों की बसों की विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा होगी। साथ ही डीएल कार्ड जारी करने वाली एजेंसी के कार्यों की भी जांच की जाएगी।आंकड़ों के अनुसार, बिहार में अब तक 1 करोड़ 52 लाख से अधिक वाहन निबंधित हैं और 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा नागरिकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस है। नवंबर में आरसी के जहां 1 लाख 38 हजार से अधिक मामले लंबित थे, वहीं दिसंबर के अंत तक 3 लाख 43 हजार से ज्यादा आरसी जारी कर दिए गए हैं। डीएल से जुड़ी पेंडेंसी में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।