वक्फ संशोधन विधेयक पर बोले केंद्रीय मंत्री ललन सिंह,-ऐसा माहौल बनाया जा रहा जैसे वक्फ बिल मुस्लिम विरोधी है, कांग्रेस को लिया आड़े हाथ
लोकसभा में आज सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है।आज बुधवार दोपहर वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक को लेकर देशभर में चर्चाएं हो रही हैं। जहां कई लोग इसका समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कई लोग इसका जोरदार विरोध भी कर रहे हैं। वहीं लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान जेडीयू की तरफ से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने सपोर्ट..

लोकसभा में आज सरकार ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है।आज बुधवार दोपहर वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक को लेकर देशभर में चर्चाएं हो रही हैं। जहां कई लोग इसका समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कई लोग इसका जोरदार विरोध भी कर रहे हैं। वहीं लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान जेडीयू की तरफ से केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने सपोर्ट किया। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हो रही है। चर्चा की शुरुआत से ही ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जैसे यह बिल मुस्लिम विरोधी है, लेकिन बिल मुस्लिम विरोधी बिल्कुल नहीं है।
वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है-ललन सिंह
उन्होंने आगे कहा कि वक्फ एक तरह का ट्रस्ट है जो मुसलमानों के हित में काम करने के लिए बनाया गया है। यह कोई धार्मिक संस्था नहीं है। ट्रस्ट को मुसलमानों के सभी वर्गों के साथ न्याय करने का अधिकार होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। आज एक नैरेटिव बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी को कोसा जा रहा है, अगर आपको वो पसंद नहीं हैं तो उनकी तरफ न देखें लेकिन उनके अच्छे काम की प्रशंसा करिए।
वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है-ललन सिंह
ललन सिंह ने कहा कि वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या? यह एक तरह का ट्रस्ट है, जिसे मुसलमानों के हक में काम करने के लिए बनाया गया है। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है। उस ट्रस्ट को यह हक और अधिकार हो कि वह समाज के हर वर्ग गरीब, पिछड़े, महिला के लिए कार्य करे। इसके साथ ललन सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक नेता ने बयान दिया कि जदयू सेक्युलर पार्टी है, उसे देखना है, तो हम बता दें कि जदयू और नीतीश कुमार को आपके सेक्युलरिज्म की जरूरत नहीं है। सेक्युलरिज्म की आपकी (कांग्रेस) परिभाषा यह है कि समाज को वोट के लिए बांट दो और भावना की राजनीति करो। इसके बाद वोट लेकर देश पर राज करो।