रामविलास पासवान पर ‘बेचारा’ टिप्पणी से बिहार विधानसभा में हंगामा, माफी की मांग, सर्वजीत कुमार की सफाई
पूर्व केंद्रीय मंत्री और रामविलास पासवान को लेकर बिहार विधानसभा में दिए गए एक बयान पर सोमवार को जोरदार हंगामा हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक द्वारा ‘बेचारा’ शब्द...
पूर्व केंद्रीय मंत्री और रामविलास पासवान को लेकर बिहार विधानसभा में दिए गए एक बयान पर सोमवार को जोरदार हंगामा हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक द्वारा ‘बेचारा’ शब्द के इस्तेमाल पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने कड़ी आपत्ति जताई और नेता प्रतिपक्ष से सदन में आकर सार्वजनिक माफी की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
राजद विधायक सह पूर्व मंत्री सर्वजीत कुमार ने सदन में चर्चा के दौरान रामविलास पासवान के संदर्भ में ‘बेचारा’ शब्द का इस्तेमाल किया। इस पर लोजपा (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने इसे अपने नेता का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। राजू तिवारी ने कहा कि “देश भर में दलितों और पिछड़ों के सम्मान को नई ऊंचाई देने वाले नेता के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग अस्वीकार्य है।” उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से सदन में आकर माफी मांगने की मांग की।
सदन में पोस्टरबाजी और नारेबाजी
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों पक्षों के विधायक तख्तियां लेकर खड़े हो गए। अध्यक्ष प्रेम कुमार ने बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमता नजर नहीं आया। भारी शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू तो हुई, मगर नारेबाजी जारी रही।
सांसद अरुण भारती ने भी जताई आपत्ति
इस विवाद पर जमुई से सांसद अरुण कुमार भारती ने भी आपत्ति जताई और बयान को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि यह दिवंगत नेता के सम्मान के खिलाफ है।विवाद बढ़ने के बाद सर्वजीत कुमार ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में सफाई दी। उन्होंने कहा, “मैंने सदन में कहा था कि अगर रामविलास पासवान आज होते तो हमारी आवाज बुलंद करते। उनकी कमी आज बहुत खल रही है। ‘बेचारा’ शब्द मैंने श्रद्धा और भावनात्मक संदर्भ में इस्तेमाल किया था, अपमान के लिए नहीं।”
चिराग पासवान दलित विरोधी है
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए के नेता इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दे रहे हैं।। हम तो उनकी प्रतिमा लगाने की मांग करते हैं। बेचारा शब्द श्रद्धा की भाषा है। दलित की बात करने वाले का पुतला दहन हो रहा है। इससे पता चलता है कि चिराग पासवान दलित विरोधी है।













