सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस, डीजल बसों की होगी पूरी विदाई
राज्य सरकार ने स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। नए बजट में प्रदूषणमुक्त परिवहन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य की सभी डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उन्हें सीएनजी या इलेक्ट्रिक....
राज्य सरकार ने स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। नए बजट में प्रदूषणमुक्त परिवहन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य की सभी डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उन्हें सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों में बदला जाएगा।
500 से अधिक ग्रीन बस स्टॉप की होगी शुरुआत
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य भर में 500 से अधिक ग्रीन बस स्टॉप विकसित किए जाएंगे। ये बस स्टॉप न सिर्फ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देंगे, बल्कि हरित परिवहन को भी मजबूती प्रदान करेंगे।ग्रामीण क्षेत्रों को भी हरित परिवहन से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ताकि ग्राम पंचायत स्तर तक सुविधा उपलब्ध हो सके।इसके साथ ही भारी मोटरवाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में भी सार्वजनिक ई-वाहनों को बढ़ावा मिल सके।राज्य में कुल 2000 से अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सभी प्रखंडों को कवर करते हुए 1000 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र भी खोले जाएंगे।
सीएनजी और ई-बसों का बढ़ता नेटवर्क
परिवहन विभाग के अनुसार पटना में अब तक 38 निजी डीजल सिटी बसों को सीएनजी में बदला जा चुका है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा 266 सीएनजी बसें और 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं। पीएम ई-बस योजना के तहत 400 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। ये ई-बसें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे प्रमुख शहरों में चलाई जाएंगी।
महिलाओं के लिए पिंक बसों का विस्तार
महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक बसों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। वर्तमान में इन छह शहरों में 100 महिला स्पेशल पिंक बसें सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।वहीं ड्राइविंग लाइसेंस की सहज उपलब्धता और पारदर्शी ड्राइविंग टेस्ट सुनिश्चित करने के लिए राज्य के प्रत्येक अनुमंडल में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक स्थापित किए जाएंगे।इसके साथ ही मोटरवाहन चालन प्रशिक्षण संस्थान प्रोत्साहन योजना के तहत ड्राइविंग स्कूल खोलने पर 20 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।अब तक 29 जिलों में 35 प्रशिक्षण संस्थानों को अनुदान मिल चुका है।
चालकों के लिए मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना
ट्रक, बस, ऑटो और टैक्सी चालकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान एवं कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री वाहन चालक कल्याण योजना को अधिसूचित किया गया है।हालांकि इस वर्ष परिवहन विभाग का बजट आवंटन इस बार करीब 179 करोड़ कम हो गया है, यह राशि पूरी तरह योजना मद से कम की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन विभाग का बजट 530.99 करोड़ था, जिसमें 248 करोड़ रुपये योजना मद में थे।वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग का कुल बजट घटकर 351.44 करोड़ हो गया है। इसमें योजना मद में 103.44 करोड़ का आवंटन किया गया है।













