किशनगंज: छोटी दुकान.. बड़ा खेल, डिजिटल आईडी फ्रॉड का पर्दाफाश, ATS को मास्टरमाइंड की तलाश

बिहार के सीमावर्ती जिलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई हुई है। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र से उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (UP ATS) ने एक बड़े फर्जी आधार कार्ड निर्माण गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के सहयोग से की गई, जिसने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को साबित....

किशनगंज: छोटी दुकान.. बड़ा खेल, डिजिटल आईडी फ्रॉड का पर्दाफाश, ATS को मास्टरमाइंड की तलाश

बिहार के सीमावर्ती जिलों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई हुई है। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र से उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (UP ATS) ने एक बड़े फर्जी आधार कार्ड निर्माण गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के सहयोग से की गई, जिसने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को साबित किया है।

मामूली दुकान से चल रहा था फर्जी आधार कार्ड का खेल
बता दें कि गिरफ्तारी ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के मुंशीभीट्टा गांव से की गई है, जहां एक साधारण-सी दिखने वाली दुकान से फर्जी आधार कार्ड बनाने का काम संचालित किया जा रहा था। UP ATS की चार सदस्यीय टीम ने छापेमारी कर आरोपी अरमान को मौके से गिरफ्तार किया। दरअसल अरमान ठाकुरगंज के मुंशीभीट्टा गांव का ही निवासी है। छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से एक लैपटॉप, दो थंब स्कैनर, एक प्रिंटर और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने अब तक कितने और किन लोगों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं और गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है।  

ट्रांजिट रिमांड पर यूपी भेजा गया आरोपी
बता दें कि गिरफ्तारी के बाद ATS टीम ने मौके पर ही प्रारंभिक पूछताछ की। इसके बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश ले जाया गया है, जहां उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। ATS टीम में एक इंस्पेक्टर सहित तीन अन्य अधिकारी शामिल थे। वहीं ठाकुरगंज थाना प्रभारी मकसूद आलम अशरफी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कांड संख्या 9/2025 में नामजद था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अरमान फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य था ।पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं और बरामद दस्तावेजों के आधार पर जांच एजेंसियों को और भी बड़े नेटवर्क का सुराग मिलने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में बढ़ी चिंता
बता दें कि किशनगंज जिला नेपाल और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटा हुआ है। वहीं ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में फर्जी पहचान पत्रों का निर्माण और वितरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां यहां हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं।गौरतलब है कि पिछले साल किशनगंज के जियापोखर थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने एक फर्जी आधार कार्ड रैकेट का खुलासा किया था।  जिनके तार बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़े होने की बात सामने आई थी।