बिहार में युवाओं के लिए खुशखबरी:, सार्वजनिक परिवहन में नौकरी आसान,कंडक्टर लाइसेंस के नियम बदले गए
बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के दरवाज़े खोलने की दिशा में एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में काम करने के इच्छुक युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने कंडक्टर (संवाहक) लाइसेंस के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को घटा दिया है। अब इस लाइसेंस के लिए दसवीं नहीं, बल्कि केवल आठवीं पास होना ही पर्याप्त....
बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के दरवाज़े खोलने की दिशा में एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में काम करने के इच्छुक युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने कंडक्टर (संवाहक) लाइसेंस के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को घटा दिया है। अब इस लाइसेंस के लिए दसवीं नहीं, बल्कि केवल आठवीं पास होना ही पर्याप्त होगा।
आधिकारिक आदेश जारी
परिवहन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। अब तक बिहार मोटरयान नियमावली, 1992 के तहत कंडक्टर लाइसेंस के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य था, लेकिन नियमों में संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने इस योग्यता को घटाकर आठवीं पास कर दिया है।परिवहन विभाग के अनुसार, यह नया प्रावधान 28 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसके बाद आठवीं कक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी कंडक्टर लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक उम्मीदवार परिवहन विभाग के सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे।
कमजोर वर्गों के युवाओं को सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि इस फैसले से खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। जिन युवाओं की पढ़ाई सामाजिक या आर्थिक कारणों से बीच में छूट गई थी, उनके लिए यह निर्णय रोजगार का नया अवसर लेकर आया है।इस कदम से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में कंडक्टरों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी, साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। राज्य सरकार इसे रोजगार सृजन, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मान रही है।













