पटना में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: 5 लाख रुपये रिश्वत लेते असिस्टेंट डायरेक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार
पटना में निगरानी विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए नियोजन भवन में पदस्थापित असिस्टेंट डायरेक्टर.....
पटना में निगरानी विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए नियोजन भवन में पदस्थापित असिस्टेंट डायरेक्टर परमजय सिंह को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी नियोजन भवन की पार्किंग में उस वक्त की गई, जब आरोपी अपनी कार में रिश्वत की रकम ले रहा था।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
इस मामले की शिकायत उपनिदेशक ओमप्रकाश ने निगरानी विभाग से की थी। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद निगरानी टीम ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया। निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में 26 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को कार्यालय खर्च और उपकरण मद में कुल 1 करोड़ 70 लाख 30 हजार रुपये आवंटित किए गए थे।
आरोप है कि इसी राशि की पहली किस्त जारी कराने के एवज में असिस्टेंट डायरेक्टर परमजय सिंह 5 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। तय योजना के अनुसार जैसे ही वह पार्किंग में खड़ी अपनी कार में रिश्वत की रकम ले रहे थे, निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ जारी, दस्तावेज खंगाल रही टीम
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से निगरानी विभाग द्वारा लगातार पूछताछ की जा रही है। टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और अन्य संभावित भ्रष्टाचार के पहलुओं की भी जांच कर रही है। निगरानी विभाग का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पकड़े गए आरोपी परमजय सिंह ने खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि नियोजन भवन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार चल रहा है। 80 करोड़ का एक टेंडर हुआ था। इसे 500 करोड़ में नियोजन भवन के अधिकारियों ने चेंज कर दिया।
परमजय सिंह का कहना है कि जून 2025 में जब वह पदस्थापित हुए, तब से ही अधिकारियों को शक था कि वह भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ कर सकते हैं। इसी कारण उनकी हर बात रिकॉर्ड की गई और साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले की शिकायत उन्होंने पहले ही CMO, PMO और निगरानी विभाग से की थी।आरोपी के अनुसार, यह नियोजन भवन में अब तक सामने आया सबसे बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला है।













