DL-RC में देरी अब नहीं! 6 माह–1 साल पुराने मामलों पर त्वरित कार्रवाई,परिवहन आयुक्त का सख्त निर्देश
राज्य में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को तेज, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय सेवाओं की जमीनी स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्होंने कई कड़े और समयबद्ध.....
राज्य में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को तेज, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय सेवाओं की जमीनी स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए उन्होंने कई कड़े और समयबद्ध निर्देश जारी किए।
लापरवाही या देरी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं
बैठक के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी), परमिट, हिट एंड रन एवं नॉन हिट एंड रन दावे, मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल और बस स्टॉप से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।राज्य परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि परिवहन विभाग की सेवाएं सीधे आम नागरिकों से जुड़ी होती हैं, ऐसे में लापरवाही या देरी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि 31 जनवरी 2026 तक डीएल और आरसी से संबंधित सभी लंबित मामलों को शून्य किया जाए।
परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया
विशेष रूप से 6 माह और 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई आवेदन डीलर और एजेंसी स्तर पर अटके हुए हैं। इस पर परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि संबंधित डीलरों और एजेंसियों के साथ तत्काल बैठक कर सभी लंबित मामलों का निपटारा कराया जाए।उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रगति नहीं हुई, तो संबंधित डीलर या शोरूम का लॉगिन आईडी रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना पंजीकरण के कोई भी वाहन सड़कों पर नहीं चलना चाहिए।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख
राज्य परिवहन आयुक्त ने बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। सभी जिलों में प्रतिदिन सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षक सुरक्षा उपकरण हैं, जो दुर्घटनाओं में जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
दुर्घटना संभावित स्थलों पर त्वरित सुरक्षा उपाय
राज्य परिवहन आयुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि तीखे मोड़, ब्लाइंड स्पॉट, कर्व, टी-प्वाइंट और अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। इनमें मोड़ों और कर्व पर मिरर लगाना,आवश्यक स्थानों पर चेतावनी साइनेज स्थापित करना,चौराहों व डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाना, ब्लाइंड स्पॉट को सुधारना जैसे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
फील्ड स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग
अंत में राज्य परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि विभाग की साख उसके कार्यों से बनती है। लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, सड़क सुरक्षा और नियमों का सख्त पालन—इन तीनों को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में इन निर्देशों की फील्ड स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।













