पप्पू यादव का सनसनीखेज दावा: बेटियों की लग रही बोली
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने पटना के कुछ गर्ल्स हॉस्टलों को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया...
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने पटना के कुछ गर्ल्स हॉस्टलों को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां रहने वाली लड़कियों का शोषण किया जा रहा है और उन्हें कथित तौर पर अधिकारियों तक ‘परोसा’ जाता है।
यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि कई मामलों की कड़ी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मोबाइल पर कुछ वीडियो क्लिप भी दिखाए और कहा कि यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि कई मामलों की कड़ी है। उनके अनुसार, कथित स्टिंग ऑपरेशन में नेताओं और अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई है, जिससे यह पूरा मामला एक संगठित ‘शोषण नेटवर्क’ का रूप लेता दिख रहा है।
बेटियों की बोली तक लगाई जा रही
पप्पू यादव ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं जहां “बेटियों की बोली तक लगाई जा रही है।” उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी गंभीर घटनाओं पर महिला आयोग और संबंधित संस्थाएं चुप क्यों हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शोषण के खिलाफ आवाज उठाना है।
आपत्तिजनक प्रतिक्रिया दी थी
बता दें कि इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया है क्योंकि इससे पहले भी महिला आयोग उनके एक अन्य बयान पर स्पष्टीकरण मांग चुका है। आरोप है कि उन्होंने आयोग के नोटिस को नजरअंदाज करते हुए सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक प्रतिक्रिया दी थी। इस पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी गरिमा को ठेस पहुंची है और मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। महिला आयोग ने इस पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पप्पू यादव को 30 अप्रैल को साक्ष्यों के साथ पेश होने का निर्देश दिया है। आयोग का कहना है कि इस तरह के आरोप न केवल संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी फैलाते हैं।













