दही-चूड़ा भोज में सियासी संदेश, तेजप्रताप को NDA में आने का ऑफर,विजय सिन्हा ने खुद परोसा दही-चूड़ा

मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गया। इस पारंपरिक भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम को खास राजनीतिक महत्व मिल गया। विजय सिन्हा ने खुद अतिथियों को दही-चूड़ा परोसकर सभी का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री............

दही-चूड़ा भोज में सियासी संदेश, तेजप्रताप को NDA में आने का ऑफर,विजय सिन्हा ने खुद परोसा दही-चूड़ा

मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गया। इस पारंपरिक भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम को खास राजनीतिक महत्व मिल गया। विजय सिन्हा ने खुद अतिथियों को दही-चूड़ा परोसकर सभी का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपने हाथों से मिठाई खिलाई। 

राजनीतिक हलकों में हलचल 
दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा सम्राट चौधरी, विजय चौधरी, संतोष सुमन, संजय झा, मंगल पांडे, संजय पासवान, संजय सिंह सहित एनडीए के कई घटक दलों के नेता मौजूद रहे।इसी कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के बेटे और मंत्री संतोष मांझी के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। उन्होंने राजद नेता तेजप्रताप यादव को एनडीए में शामिल होने का खुला ऑफर देते हुए कहा कि यदि वे एनडीए के साथ आते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा।

वक्त पर सब पता चल जाएगा
बता दें कि इस भोज में तेजप्रताप यादव भी शामिल होने पहुंचे। वहीं जब विजय सिन्हा से तेजप्रताप यादव को लेकर सवाल किया गया कि तेज प्रताप को आप एनडीए में आने का निमंत्रण देंगे। इस पर विजय सिन्हा ने कहा, वक्त पर सब पता चल जाएगा। वहीं तेजप्रताप ने भी कहा कि समय आने दीजिए, सब साफ हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि, मेरा विजय सिन्हा से व्यक्तिगत संबंध है। हमने भी दही चूड़ा का भोज आयोजित किया है। इन्हें(विजय सिन्हा) निमंत्रण दिया है।

कार्यकर्ताओं के बीच खाने को लेकर कहासुनी
बता दें कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इस अवसर पर बीजेपी के तमाम नेताओं के साथ-साथ एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया था, जिससे यह भोज राजनीतिक एकजुटता का मंच बन गया।वहीं दूसरी ओर मकर संक्रांति के दिन जमुई में आयोजित दही-चूड़ा भोज के दौरान विवाद की स्थिति  देखने को मिली। सांसद अरुण भारती के कार्यक्रम स्थल से जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं के बीच खाने को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई।

एनडीए के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद
उल्लेखनीय है कि इस भोज में एनडीए के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। बता दें कि मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित ये दही-चूड़ा भोज जहां एक ओर राजनीतिक मेल-मिलाप और शक्ति प्रदर्शन का जरिया बने, वहीं दूसरी ओर जमुई की घटना ने सियासत के भीतर जारी खींचतान को भी उजागर कर दिया।