गोपालगंज जिले की अंजली कुमारी ने मैट्रिक की परीक्षा में टॉप टेन में बनाई जगह, कहा-मैंने पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा

गोपालगंज जिले की अंजली कुमारी  ने मैट्रिक की परीक्षा में टॉप टेन में बनाई जगह, कहा-मैंने पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा
District topper Anjali Kumari

गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के मनियारा गांव निवासी राजेश यादव की बेटी अंजली कुमारी  ने मैट्रिक की परीक्षा में 482 अंक पाकर टॉप टेन में जगह बनाई हैं। साथ ही जिला टॉप होकर अपने परिवार और गांव और जिले का मान बढ़ाया है। वहीं अंजली के सफलता को लेकर परिजनों में काफी खुशी देखने को मिल रही है। एक दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामना देने वालों का तांता लगा हुआ है।

अंजली एक साधारण परिवार से आती हैं

दरअसल जिले के कुचायकोट प्रखंड के मनियारा गांव निवासी राजेश यादव की बेटी अंजली एक साधारण परिवार से आती हैं।  पिता पेशे से ठेकेदार हैं। जबकि उसकी मां का बबीता देवी हाउस मेकर हैं। अंजली तीन बहन है। सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर राज्य में टॉप टेन में स्थान बनाकर जिला टॉप की है। अंजली ने अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूल रामरतन शाही उच्चविद्यालय से किया है। टॉप करने के  पीछे का राज यह रहा कि अंजली ने पढ़ाई को प्रायोरिटी पर रखकर लगन से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी की थी।

अपनी गुरु से सीखी बारीकियां

अंजली ने बताया कि कोचिंग क्लास करती थी जहां के शिक्षकों के काफी सहयोग था और उनसे सफलता की बारीकी सीखी। 24 मार्च को पटना बोर्ड ऑफिस से साक्षात्कार के लिए फोन आया और 27 मार्च को  साक्षात्कार हुआ। बोर्ड द्वारा  प्रत्येक सब्जेक्ट से 5-6  प्रश्न पूछे गए सभी  प्रश्नों का उत्तर बेहतर तरीके से दी। सबसे ज्यादा सवाल साइंस और मैथ से पूछे गए क्योंकि साइंस में 99 प्रतिशत अंक आया और मैथ में 97%। अंजली ने  बताया कि इस  सफलता का राज  कड़ी मेहनत और लगन था। जो चीज पढ़ती बेहतर और मन लगाकर पढ़ती थी लक्ष्य बनाकर पढ़ती।

मैंने पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा-अंजली

घर के कामों में हाथ बटाने के बाद  ट्यूशन जाती थी  हालांकि उन्होंने बताया कि जबतक खुद पर भरोसा नहीं होगा और खुद से पढ़ाई नहीं करेंगे तब तक सफलता नहीं मिलेगी। मैंने पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा। एंजॉय करके पढ़ाई की। नियमित रूप से पढ़ाई, अनुशासन और टाइम मैनेजमेंट कारगर साबित हुआ।अंजली  ने सलाह देते हुए कहा कि नियमित रूप से पढ़ाई करें। क्लास रूम में सक्रिय, सतर्क रहें। निश्चित ही 80% कांसेप्ट क्लास रूम में क्लियर हो जाएंगे। 

परफेक्ट बनने के लिए रिवीजन बहुत जरूरी -अंजली

अंजली ने आगे बताया कि किसी भी चीज में परफेक्ट बनने के लिए रिवीजन बहुत जरूरी है।  प्रेरणा अस्थायी है, लेकिन अनुशासन स्थायी है, इसलिए जीवन में अनुशासित रहें,निश्चित ही सफलता मिलेगी। अंजली ने बताया कि इस सफलता का श्रेय मेरे शिक्षक और माता पिता दादा दादी को जाता है जिसने मुझे सफलता का मंत्र दिया। माता पिता दादा दादी ने मुझ पर भरोसा कर मुझे पढ़ाया।

गोपालगंज से संवाददाता आशुतोष तिवारी की रिपोर्ट