बिहार बजट 2026-27: शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर,12.50 करोड़ फ्री किताबें देने का लक्ष्य,मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों पर फोकस

नीतीश सरकार ने आज 2026-27 का बजट पेश किया। सरकार ने 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ का बजट पेश किया है, जो पिछले बजट से 30,694.74 करोड़ ज्यादा है। वहीं बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा पेश किए गए बजट......................

बिहार बजट 2026-27:  शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर,12.50 करोड़ फ्री किताबें देने का लक्ष्य,मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों पर फोकस

नीतीश सरकार ने आज 2026-27 का बजट पेश किया। सरकार ने 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ का बजट पेश किया है, जो पिछले बजट से 30,694.74 करोड़ ज्यादा है। वहीं बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव द्वारा पेश किए गए बजट में शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए 68,216.95 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। इस बजट का सीधा लाभ राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को मिलेगा।

फ्री किताबें और डायरी: बच्चों को मजबूत नींव
वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि वर्ष 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को लगभग 12.50 करोड़ मुफ्त पाठ्य-पुस्तकें और स्कूल डायरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा को और सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण बनाना है।प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा को सशक्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जा रही हैं।2.27 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है,28 हजार से अधिक प्रधानाध्यापक,4,700 से अधिक  प्रधानाध्यापक स्तर के शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। बता दें कि  शिक्षा किसी भी राज्य की रीढ़ मानी जाती है। लगभग 68 हजार 217 करोड़ रुपए कुल व्यय का बहुत बड़ा हिस्सा है।

मिड-डे मील से पोषण और पढ़ाई दोनों मजबूत
राज्य के 68 हजार से अधिक स्कूलों में PM-POSHAN योजना के तहत रोजाना मिड-डे मील की व्यवस्था की जा रही है। आने वाले वर्षों में नए रसोई शेड, भंडारण गृह, स्वच्छ पेयजल सुविधा का विस्तार और अधिक स्कूलों तक किया जाएगा। वहीं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बिहार सरकार की‘बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ और ‘स्टूडेंट प्रीमियम स्कीम’ के ज़रिए छात्रों को 4 लाख रुपए तक कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण दिया जा रहा है।अब तक 1.80 लाख से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिससे आर्थिक बाधा के बिना पढ़ाई संभव हो पाई है।

 मेडिकल और तकनीकी शिक्षा पर भी फोकस
राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों को मजबूत करने के लिए  नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना,इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों का अपग्रेडेशन।
कई जिलों में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण और विस्तार तेजी से किया जा रहा है।PM-SHRI स्कूल, मॉडल स्कूल और ‘एक जिला–एक उत्कृष्ट विद्यालय’ योजना के तहत स्मार्ट क्लास,आधुनिक लैब,डिजिटल लाइब्रेरी,खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर स्कूलों को भविष्य के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।