वृंदावन की गलियों में आम श्रद्धालु की तरह दिखे निशांत कुमार, न राजनीति, न तामझाम, बस भक्ति और सादगी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक बार फिर अपनी सादगी को लेकर चर्चा में हैं। इन दिनों निशांत वृंदावन में हैं, जहां वे पूरी तरह धार्मिक माहौल में पूजा-पाठ और भक्ति में लीन नजर आए। खास बात यह रही कि वृंदावन की गलियों में वे बिना किसी VIP प्रोटोकॉल, सुरक्षा घेरे या तामझाम के आम लोगों की तरह घूमते दिखाई दिए।निशांत कुमार अपने रिश्तेदारों के साथ वृंदावन ....
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक बार फिर अपनी सादगी को लेकर चर्चा में हैं। इन दिनों निशांत वृंदावन में हैं, जहां वे पूरी तरह धार्मिक माहौल में पूजा-पाठ और भक्ति में लीन नजर आए। खास बात यह रही कि वृंदावन की गलियों में वे बिना किसी VIP प्रोटोकॉल, सुरक्षा घेरे या तामझाम के आम लोगों की तरह घूमते दिखाई दिए।निशांत कुमार अपने रिश्तेदारों के साथ वृंदावन में देखे गए और उन्होंने मात्र 10 रुपये में ई-रिक्शा की सवारी की। उनके साथ कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी, जिसे देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। आम श्रद्धालुओं की तरह उनका सहज और सामान्य व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
लाइमलाइट से दूरी, भक्ति से नज़दीकी
निशांत कुमार आमतौर पर सार्वजनिक मंचों और मीडिया की सुर्खियों से दूरी बनाए रखते हैं। वे अब तक राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हुए हैं, हालांकि बिहार की राजनीति में उनके नाम को लेकर समय-समय पर चर्चाएं जरूर होती रहती हैं।बताया जाता है कि निशांत भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं। एक बार उन्होंने खुद बताया था कि वे मोबाइल पर ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ सुनते थे, लेकिन आवाज़ ठीक नहीं आती थी। इसके बाद उन्होंने एक स्पीकर खरीदा ताकि वे कृष्ण भजनों का बेहतर आनंद ले सकें।
नालंदा दौरे में दिखा अलग अंदाज़
हाल ही में निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार के साथ नालंदा दौरे पर भी गए थे। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं और गांव के लोगों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याएं बताईं। इस पर निशांत ने सहजता से कहा—देखते हैं, हम करवाते हैं।”इसके बाद वे गांव की महिलाओं से मिले और गरीब लोगों व बच्चों के बीच कंबल भी बांटे। नालंदा स्थित गेस्ट हाउस की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिनमें निशांत और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साथ-साथ नाश्ता करते हुए नजर आए थे। बता दें कि चाहे वृंदावन की गलियां हों या गांव की चौपाल—निशांत कुमार हर जगह अपने सादे व्यवहार और शांत स्वभाव के कारण अलग पहचान बनाते दिख रहे हैं। राजनीति से दूरी के बावजूद उनका अंदाज़ लोगों का ध्यान खींच रहा है।













