पप्पू यादव की बढ़ीं मुश्किलें, जमानत पर सुनवाई टली, बेऊर जेल में रहेंगे

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की कानूनी परेशानियां लगातार गहराती जा रही हैं। उनकी जमानत याचिका पर आज होने वाली सुनवाई टल गई है, जिससे फिलहाल उनकी रिहाई....

पप्पू यादव की बढ़ीं मुश्किलें, जमानत पर सुनवाई टली, बेऊर जेल में रहेंगे

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की कानूनी परेशानियां लगातार गहराती जा रही हैं। उनकी जमानत याचिका पर आज होने वाली सुनवाई टल गई है, जिससे फिलहाल उनकी रिहाई पर ब्रेक लग गया है। अब उन्हें कुछ और दिन पटना की बेऊर जेल में ही रहना होगा। सूत्रों के अनुसार, उनकी जमानत पर अगली सुनवाई मंगलवार को हो सकती है।

‎कोर्ट परिसर में हड़कंप

‎दरअसल, पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए MP-MLA कोर्ट समेत पूरे इलाके को खाली करा लिया। इसी कारण पप्पू यादव की जमानत याचिका पर आज सुनवाई संभव नहीं हो सकी।

‎विशेष टीम उनकी सेहत पर 24 घंटे निगरानी रखे हुए है

‎गिरफ्तारी के बाद से ही पप्पू यादव अस्पताल और अदालत के बीच झूलते नजर आ रहे हैं। शनिवार सुबह उन्हें आईजीआईएमएस से बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच शिफ्ट किया गया। यहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी सेहत पर 24 घंटे निगरानी रखे हुए है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान उन्हें चोट लगी थी, जिसके बाद सिर में तेज दर्द और दिल की धड़कन बढ़ने की शिकायत सामने आई।

‎निगरानी के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया

‎पहले मेडिकल जांच के लिए उन्हें आईजीआईएमएस ले जाया गया था, लेकिन स्थिति को देखते हुए बाद में बेहतर इलाज और निगरानी के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, सांसद के कई मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं और सभी रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी स्थिति पर अंतिम टिप्पणी की जा सकेगी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

‎समर्थक सड़कों पर...

‎इधर, पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष इसे कानून के तहत की गई सामान्य कार्रवाई बता रहा है।गौरतलब है कि पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे उनके आवास से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में जारी वारंट के आधार पर की गई है।