पटना सिविल कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी! 5 दिनों में तीसरी बार अलर्ट, खाली कराया गया परिसर
राजधानी पटना में न्याय व्यवस्था एक बार फिर खतरे की छाया में है। जिस अदालत में इंसाफ की उम्मीद लेकर लोग पहुंचते हैं, वहीं अब डर और दहशत का माहौल बन गया है। पटना सिविल कोर्ट को गुरुवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया।बीते पांच दिनों में यह तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी दी गई है। 9 और 11 फरवरी.....
राजधानी पटना में न्याय व्यवस्था एक बार फिर खतरे की छाया में है। जिस अदालत में इंसाफ की उम्मीद लेकर लोग पहुंचते हैं, वहीं अब डर और दहशत का माहौल बन गया है। पटना सिविल कोर्ट को गुरुवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया।बीते पांच दिनों में यह तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी दी गई है। 9 और 11 फरवरी के बाद 12 फरवरी को आए एक और ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में ला दिया। संदेश मिलते ही कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया और सभी प्रवेश द्वार सील कर दिए गए।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, सघन तलाशी अभियान जारी
धमकी की सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने हर कोने की गहन जांच शुरू की। एहतियात के तौर पर कोर्ट में आम लोगों की एंट्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।11 फरवरी को आए ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में पांच बम लगाए गए हैं और पूरी बिल्डिंग को उड़ाने की योजना है। हालांकि, उस दिन लंबी तलाशी के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बावजूद बार-बार मिल रही धमकियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
न्यायिक कार्य प्रभावित, वकीलों और जजों में बेचैनी
लगातार मिल रही धमकियों से न केवल आम नागरिकों में डर का माहौल है, बल्कि न्यायिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है। अदालतों में सुनवाई बाधित हो रही है और वकीलों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, सामान्य कामकाज शुरू करना जोखिम भरा होगा। सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
साइबर एंगल से जांच, सवालों के घेरे में सुरक्षा तंत्र
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन धमकी भरे ईमेल के पीछे कौन है? क्या यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या फिर किसी संगठित साइबर गिरोह की साजिश? पुलिस साइबर एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है।राजधानी की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक इमारत को बार-बार निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर जल्द ही इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा, तो यह सिलसिला और भी खतरनाक रूप ले सकता है।













