RJD में घमासान तेज! तेजप्रताप यादव ने रोहिणी आचार्य के ट्वीट का किया समर्थन,बोले-सौ प्रतिशत सही है
बिहार की सियासत में हलचल तेज़ है और राष्ट्रीय जनता दल के भीतर उठती आवाज़ें अब खुलकर सामने आ रही हैं। पार्टी और विपक्षी राजनीति से जुड़े तमाम मुद्दों पर तेजप्रताप यादव ने बेबाक बयान दिए हैं। तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।रोहिणी आचार्य द्वारा किए गए दो आक्रामक ट्वीट्स पर तेजप्रताप यादव ने खुला समर्थन जताया......
बिहार की सियासत में हलचल तेज़ है और राष्ट्रीय जनता दल के भीतर उठती आवाज़ें अब खुलकर सामने आ रही हैं। पार्टी और विपक्षी राजनीति से जुड़े तमाम मुद्दों पर तेजप्रताप यादव ने बेबाक बयान दिए हैं। तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।रोहिणी आचार्य द्वारा किए गए दो आक्रामक ट्वीट्स पर तेजप्रताप यादव ने खुला समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य का पहला ट्वीट सौ प्रतिशत सही है और दूसरे ट्वीट में लिया गया फैसला भी उन्हें बिल्कुल उचित लगता है। तेजप्रताप ने साफ कहा कि जो कदम उठाए गए हैं, वे हालात को देखते हुए सही हैं
पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला
गौरतलब है कि रोहिणी आचार्य ने अपने ट्वीट्स में बिना नाम लिए पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। पहले ट्वीट में उन्होंने कहा कि सच्चा लालूवादी वही है, जो लालू प्रसाद यादव की सामाजिक न्याय की विचारधारा को दिल से अपनाए और पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेदार लोगों से बेखौफ सवाल पूछे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पार्टी की असली कमान ऐसे लोगों के हाथों में है, जो लालूवाद को कमजोर करने की साजिश के तहत आगे बढ़ रहे हैं।दूसरे ट्वीट में रोहिणी आचार्य ने राजनीतिक शिखर पुरुष की गौरवशाली पारी के पटाक्षेप की बात करते हुए तीखे शब्दों में नेतृत्व पर कटाक्ष किया और कठपुतली बनकर सत्ता संभालने का आरोप लगाया।
हाशिए पर खड़ी आबादी -
बता दें कि पहली ट्विट ने रोहिणी ने कहा कि, "जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी - वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक - आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध - संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा ...।
जनता के हक़ - हकूक की लड़ाई
उन्होंने आगे लिखा कि वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि " आज जनता के हक़ - हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन - जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों - साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस - नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है , कब्ज़ा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं ".. नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने , सवालों से बचने , जवाब देने से मुँह चुराने, तार्किक - तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फ़ैलाने, लालूवाद व् पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार , अभद्र आचरण , अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर "वो" चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है ..।
दूसरे ट्विट में रोहिणी ने लिखा ....
वहीं दूसरे ट्विट में रोहिणी ने लिखा कि, "सियासत के शिखर - पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और " गिरोह - ए - घुसपैठ " को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक"। वहीं, कांग्रेस विधायकों द्वारा राजद से अलग होने की बात पर तेजप्रताप यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह फैसला बहुत पहले ले लेना चाहिए था। चुनाव लड़ चुकी, हार चुकी और अब देर से फैसला लेने का कोई मतलब नहीं है।राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तेजप्रताप यादव ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ “फटफटिया मास्टर” हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि फटफटिया चलाना, मुर्गा-भात बनाना—यही उनकी राजनीति है।वहीं नीट छात्रा से जुड़े मामले में एफएसएल रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजप्रताप यादव ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत कार्रवाई कर पीड़िता को न्याय दिलाना चाहिए।













