बिहार से पड़ोसी राज्यों का सफर होगा आसान, 346 नए बस रूटों को मिली मंज़ूरी

बिहार के यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य से अब पांच पड़ोसी राज्यों—उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा.....

बिहार से पड़ोसी राज्यों का सफर होगा आसान, 346 नए बस रूटों को मिली मंज़ूरी

बिहार के यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य से अब पांच पड़ोसी राज्यों—उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़—के लिए नई बस सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। बिहार परिवहन विभाग ने इसके लिए कुल 346 नए बस रूट तय किए हैं और इन रूटों पर बस संचालन के लिए वाहन मालिकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

‎परिवहन विभाग के अनुसार, इच्छुक बस मालिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी 24 फरवरी तक संबंधित कार्यालय में जमा करनी होगी। आवेदन पत्र में यह स्पष्ट करना अनिवार्य होगा कि किस रूट पर कितने परमिट उपलब्ध हैं और बसों में कितनी सीटें खाली हैं।

‎झारखंड के लिए सबसे ज्यादा बसें

‎नई बस सेवाओं में सबसे अधिक रूट झारखंड के लिए निर्धारित किए गए हैं। करीब 200 रूट झारखंड को जोड़ेंगे। इन रूटों में बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, छपरा, बक्सर, आरा, बेगूसराय, पूर्णिया और मधुबनी जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं, जहां से रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, दुमका और गुमला तक सीधी बस सेवाएं शुरू होंगी।

‎उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए भी नई सुविधाएं

‎उत्तर प्रदेश के लिए कुल 34 रूट तय किए गए हैं, जिनमें 25 रूट राज्य परिवहन की बसों और 9 रूट निजी बसों के लिए होंगे। प्रमुख रूटों में पटना–वाराणसी, गया–सारनाथ, छपरा–गोरखपुर और मुजफ्फरपुर–गोरखपुर शामिल हैं।

‎ओडिशा के लिए 39 रूट प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पटना–भुवनेश्वर, गया–पूरी और भागलपुर–राउरकेला जैसे महत्वपूर्ण रूट शामिल हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के लिए 45 रूट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें पटना–हावड़ा, पूर्णिया–कोलकाता, भागलपुर–कोलकाता और रक्सौल–सिलीगुड़ी जैसे रूट शामिल हैं।

‎छत्तीसगढ़ के लिए भी सीधे बस रूट

‎बिहार से छत्तीसगढ़ के लिए कुल 28 नए बस रूट प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें पटना–अंबिकापुर, सासाराम–रायगढ़, छपरा–कोरबा और दरभंगा–कुनकुरी जैसे रूट शामिल हैं।इन नई बस सेवाओं के शुरू होने से बिहार और पड़ोसी राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रियों को सीधी और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा और लंबी दूरी का सफर पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।