विधानसभा में "बकरी-सूअर" पर बवाल!,“सरकार नहीं चाहती की मैं आगे बढ़ूं” –सदन में कुमार सर्वजीत का बयान

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन सदन में उस वक्त जोरदार हंगामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। बहस इतनी तीखी हो गई कि आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक कुमार सर्वजीत ने योजना पर सवाल उठाते हुए ....

विधानसभा में "बकरी-सूअर" पर बवाल!,“सरकार नहीं चाहती की मैं आगे बढ़ूं” –सदन में कुमार सर्वजीत का बयान

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन सदन में उस वक्त जोरदार हंगामा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। बहस इतनी तीखी हो गई कि आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक कुमार सर्वजीत ने योजना पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा।

 सरकार नहीं चाहती कि मैं आगे बढ़ूं
 उन्होंने कहा,“बिहार में बड़ी-बड़ी सड़कों का निर्माण अडाणी और अंबानी जैसी कंपनियों से करवाया जा रहा है, जबकि राज्य की महिलाओं को बकरी, सूअर और मुर्गी खरीदने के लिए 10-10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। मैं बिहार में इसलिए पैदा नहीं हुआ कि सरकार मुझे बकरी या सूअर चराने के लिए पैसे दे। मुझे भी सड़के बनाने लायक बनाया जा सकता था, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि मैं आगे बढ़ूं।”

BJP ने कड़ा प्रतिवाद किया
कुमार सर्वजीत के इस बयान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा प्रतिवाद किया। बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने जवाब देते हुए कहा,
“लालू जी के दौर में चरवाहा स्कूल खोले गए थे, तब क्या कहा जाएगा? आज गरीबों के घरों से दिया और लालटेन की जगह LED बल्ब जल रहे हैं। सड़कों की स्थिति देख लीजिए, इतनी बेहतर हैं कि तेजस्वी यादव भी उन पर घूम-घूमकर डांस कर रहे हैं। लालू जी के समय जिस जमीन पर नजर पड़ती थी, उस पर कब्जा हो जाता था। नीतीश कुमार जी के किसी एक रिश्तेदार का नाम बताइए जिसने जमीन कब्जाई हो।”

स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं
उन्होंने आगे कहा,“उनके शासन में बकरियां तक छीन ली जाती थीं, जबकि आज मुख्यमंत्री 10-10 हजार रुपये देकर लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। सरकार लोगों को उनके पैरों पर खड़ा करने का काम कर रही है।”महिला रोजगार योजना को लेकर सदन में हुई इस तीखी बहस ने एक बार फिर राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है।